Haqdarby MSquare Ventures India
ब्लॉगजेडीए की संशोधित सीमा में गांव जुड़े-हटे, हाईकोर्ट में मामला लंबित
विकास योजना

जेडीए की संशोधित सीमा में गांव जुड़े-हटे, हाईकोर्ट में मामला लंबित

राज्य सरकार ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की विस्तारित सीमा को लेकर एक संशोधित अधिसूचना जारी की है, जिसमें मूल रूप से अधिसूचित क्षेत्र में 41 गांव जोड़े गए और 12 गांव हटाए गए हैं। यह संशोधन ऐसे समय में आया है जब विस्तार को चुनौती देने वाला मामला अभी भी राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित है, और अदालत ने इस बीच विवादित क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है।

संशोधित अधिसूचना के तहत, मुख्य रूप से शाहपुरा (15), जोबनेर (7), चोमू (4), चाकसू और फुलेरा (3-3), कोटपूतली-बहरोड़ का विराटनगर व फागी (2-2) से गांव जोड़े गए हैं, तथा कुछ अन्य तहसीलों से एक-एक गांव शामिल किया गया है। बारह गांव हटाए गए हैं, जिनमें अधिकांश चाकसू (4) और बस्सी (3) से हैं। उल्लेखनीय है कि जेडीए का अधिकार क्षेत्र पहली बार पड़ोसी कोटपूतली-बहरोड़ जिले तक फैला है, जहाँ के दो गांव अब इसमें शामिल किए गए हैं। सरकार ने कहा कि यह बदलाव दोहरी प्रविष्टियों को ठीक करने के लिए आवश्यक थे — नौ गांव गलती से दो अलग-अलग तहसीलों में सूचीबद्ध हो गए थे — और जेडीए मुख्यालय से बहुत दूर माने गए कुछ गांवों को हटाने के लिए किया गया।

यह ताज़ा संशोधन जेडीए के बहुत बड़े विस्तार कदम के बाद आया है, जिसके तहत इसका अधिकार क्षेत्र लगभग 3,000 से बढ़कर 6,000 वर्ग किलोमीटर — यानी लगभग दोगुना — कर दिया गया था, और 17 तहसीलों के करीब 632 अतिरिक्त राजस्व गांव इसके दायरे में लाए गए थे, जिससे शहर के चारों ओर इसकी सीमा 40 किमी से बढ़कर 60 किमी हो गई। जेडीए ने विस्तारित क्षेत्र के योजना व स्वीकृति कार्य को संभालने के लिए आंतरिक रूप से इसे 27 ज़ोन में भी बांटा है।

जिन गांवों को नए सिरे से जेडीए के दायरे में लाया गया है — या जिन्हें इससे हटाया गया है — उनके भूमि मालिकों के लिए इसके व्यावहारिक और तत्काल परिणाम महत्वपूर्ण हैं। जेडीए के दायरे में आने का मतलब है कि भू-उपयोग वर्गीकरण, कॉलोनी स्वीकृति मानदंड, भवन अनुज्ञा नियम और विकास शुल्क अब पहले की पंचायत या नगरपालिका व्यवस्था के बजाय जेडीए की व्यवस्था के अनुसार तय होंगे, और किसी भी आवासीय या व्यावसायिक उपयोग से पहले कृषि भूमि को जेडीए से रूपांतरण स्वीकृति लेनी होगी। जिन गांवों को अधिसूचित क्षेत्र से हटाया गया है, वे इन्हीं स्वीकृतियों के लिए पूर्व की स्थानीय निकाय व्यवस्था में वापस चले जाते हैं। चूँकि हाईकोर्ट का मामला अभी लंबित है और विवादित पट्टी में निर्माण प्रतिबंध लागू है, इसलिए इन गांवों में निर्माण, खरीद या बिक्री की योजना बनाने वाले किसी भी व्यक्ति को पहले गांव-दर-गांव यह पुष्टि कर लेनी चाहिए कि उनका विशेष भूखंड वर्तमान में जेडीए की अधिसूचित सीमा के अंदर है या बाहर, और क्या वह अदालत के निर्माण प्रतिबंध वाले क्षेत्र में आता है।

यदि आप जयपुर के एक्सटेंशन क्षेत्र के गांवों में जमीन के मालिक हैं या खरीदने की सोच रहे हैं, तो किसी भी निर्माण या लेन-देन की योजना बनाने से पहले हक़दार आपको अपने भूखंड की वर्तमान अधिकार-क्षेत्र और भू-उपयोग स्थिति जाँचने में मदद कर सकता है।

आपके लिए ज़रूरी जानकारी

आपका गांव अब जेडीए के दायरे में है: भूमि मालिकों के लिए क्या बदलता है

Share:

Choose your language
अपनी भाषा चुनें

You can change this anytime from the header. / आप इसे हेडर से कभी भी बदल सकते हैं।