जयपुर के न्यू सांगानेर रोड के व्यापारियों ने 24 सितंबर 2026 को अपनी दुकानें बंद रखीं और गुर्जर की थड़ी से पैदल मार्च निकाला, ताकि जेडीए की उस सड़क चौड़ीकरण परियोजना का विरोध किया जा सके जिससे 100 से अधिक दुकानों पर खतरा मंडरा रहा है, जिनमें से कई दशकों पुरानी हैं। जेडीए राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों पर सड़क की तय चौड़ाई से अतिक्रमण हटाकर अदालत में पालना रिपोर्ट पेश करने की कार्रवाई कर रहा है।
यह हिस्सा सोडाला/अजमेर रोड से गुर्जर की थड़ी तक करीब 2.3 किलोमीटर लंबा है। सटीक आँकड़ों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। एक रिपोर्ट के अनुसार जेडीए इस हिस्से को 160 फीट चौड़ा करने की योजना बना रहा है, जिसमें 200 से अधिक दुकानें प्रभावित क्षेत्र में आती हैं — कुछ 60-70 साल से चल रही हैं और कई के ऊपर घर बने हुए हैं — और करीब 256 दुकानों को पहले ही खाली करने के नोटिस दिए जा चुके हैं। वहीं एक अन्य रिपोर्ट ने मास्टर प्लान में तय चौड़ाई 100 फीट बताई और कहा कि अतिक्रमण व अनधिकृत पार्किंग के चलते वास्तविक सड़क कहीं-कहीं सिमटकर सिर्फ 30 फीट रह गई है, जिससे 100 से अधिक दुकानें प्रभावित हो सकती हैं। दोनों रिपोर्ट्स मूल बात पर सहमत हैं: अदालत के निर्देश पर चल रही एक चौड़ीकरण परियोजना अब कार्रवाई की ओर बढ़ रही है, और इसके रास्ते में सौ से कहीं अधिक स्थापित दुकानें आती हैं।
24 सितंबर को व्यापारियों ने बाजार बंद रखा और अपनी माँगों के लिए पैदल मार्च निकाला, और इससे पहले बुधवार को क्षेत्रीय विधायक गोपाल शर्मा ने निवासियों व दुकानदारों की शिकायतें सुनने के लिए क्षेत्र का दौरा किया। व्यापार संघ के पदाधिकारियों, जिनमें सचिव पंकज शर्मा शामिल हैं, ने तर्क दिया कि पूरी तय चौड़ाई को सीधे साफ करने के बजाय, बेहतर यातायात प्रबंधन — जैसे वन-वे व्यवस्था और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग — से तोड़फोड़ की ज़रूरत कम की जा सकती है। व्यापारियों का कहना है कि उन्हें सड़क विकास से एतराज़ नहीं है, बल्कि बिना स्पष्ट मुआवज़ा व पुनर्वास नीति के इसे आगे बढ़ाए जाने से है, और उन्होंने कहा है कि किसी भी तोड़फोड़ से पहले बातचीत की माँग करते हुए मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजेंगे। लेखन के समय तक जेडीए की ओर से कोई आधिकारिक मुआवज़ा या पुनर्वास योजना घोषित नहीं हुई थी, और किसी भी रिपोर्ट में व्यापारियों की माँगों पर जेडीए या प्रशासन का बयान शामिल नहीं था।
जो कोई भी न्यू सांगानेर रोड — या जेडीए के मास्टर प्लान में चौड़ी सड़क के लिए आरक्षित किसी भी मार्ग — पर दुकान या घर का मालिक है, किराए पर लिया है, या खरीदने पर विचार कर रहा है, उसके लिए यह याद दिलाने वाली बात है कि एक बार चौड़ीकरण आदेश लागू होने की ओर बढ़े, तो व्यापार का लंबा इतिहास कोई सुरक्षा नहीं देता। कोई ढाँचा आरक्षित सड़क चौड़ाई के अंदर आता है या बाहर, और निर्माण मास्टर-प्लान आरक्षण से पहले हुआ या बाद में — यह इससे कहीं ज़्यादा मायने रख सकता है कि व्यवसाय वहाँ कितने समय से चल रहा है।
यदि आपकी संपत्ति किसी ऐसी सड़क पर है जिसे जेडीए के मास्टर प्लान में चौड़ीकरण के लिए आरक्षित किया गया है, तो खरीदने, किराए पर लेने या निवेश करने से पहले अपने हिस्से की तय आरक्षित चौड़ाई जेडीए के नगर नियोजन विभाग से जाँच लेना उचित है — सड़क की मौजूदा, बनी-बनाई दिखने वाली स्थिति पर भरोसा न करें। जेडीए द्वारा तोड़फोड़ से पहले कोई मुआवज़ा या पुनर्वास नीति घोषित होती है या नहीं, हक़दार इस खबर पर नज़र बनाए रखेगा।