सिविक वॉच: सेठी कॉम्प्लेक्स अग्निकांड ने जयपुर में फायर एनओसी की खामियां उजागर कीं
जयपुर के परकोटे में सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी 13 घंटे की आग ने एक बंद पड़े हाइड्रेंट और बिना फायर एनओसी चल रही इमारत की पोल खोल दी।
जेडीए, नगर निगम और यूडीएच की वे योजनाएँ, परियोजनाएँ और जन सुविधाएँ जो विफल, विलंबित या अधूरी हैं।
जयपुर के परकोटे में सेठी कॉम्प्लेक्स में लगी 13 घंटे की आग ने एक बंद पड़े हाइड्रेंट और बिना फायर एनओसी चल रही इमारत की पोल खोल दी।
हरमाड़ा में 40 साल पुराने सरकारी बालिका विद्यालय को तोड़ा गया, लेकिन 120 दिनों से मलबा नहीं हटाया गया, जिससे सड़क व नाली अवरुद्ध हैं और मच्छर पनप रहे हैं।
17 सितंबर 2026 को पुरोहितजी का कटला में लगी आग में जयपुर के परकोटे के लिए बना 4 करोड़ रुपये का हाइड्रेंट सिस्टम काम नहीं आया; दो अग्निशमन अधिकारी निलंबित किए गए।
7 सितंबर 2026 को राजस्थान हाईकोर्ट ने यूडीएच, जेडीए, हाउसिंग बोर्ड व नगर निगम के अफसरों को तलब किया, क्योंकि प्रताप नगर सेक्टर 5 की सरकारी जमीन पर 25 साल से करीब 145 अतिक्रमण हटे ही नहीं थे।
इंदिरा विहार (वार्ड 63) के निवासियों का कहना है कि 12-15 साल से उन्हें पाइप से पेयजल नहीं मिला, और विद्याधर नगर सेक्टर 7 की एक जेडीए-स्वीकृत ग्रुप हाउसिंग परियोजना में शुल्क वसूलने के 8-10 साल बाद भी पानी-सीवर लाइन नहीं बिछी।
जगतपुरा के हरे कृष्णा मार्ग पर जेडीए का नया यू-टर्न पहले ही दिन, 22 सितंबर 2026 को, फेल हो गया, जब मुड़ते समय एक कंटेनर फंस गया और एक दीवार को नुकसान पहुँचा, जबकि यातायात संभालने के लिए दर्जनों कर्मचारी तैनात थे।
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